गुवाहाटी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बाद चुनाव आयोग (ईसी) ने कांग्रेस की शिकायत पर शहरी विकास मंत्री अशोक सिंघल को आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के कथित उल्लंघन को लेकर नोटिस जारी किया है। राज्य में उपचुनाव के लिए प्रचार का दौर जारी है। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा, “आयोग ने बुधवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया और गुरुवार शाम पांच बजे तक मंत्री से जवाब मांगा। यदि निर्धारित समय के भीतर कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो आयोग सिंघल पर कोई और मौका दिए बिना निर्णय लेगा।”
कांग्रेस नेता देवव्रत सैकिया ने 24 अक्टूबर को चुनाव आयोग को एक वीडियो क्लिप के साथ अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि गोसाईगांव निर्वाचन क्षेत्र में एक चुनावी रैली में भाग लेते हुए अशोक सिंघल ने कहा कि यदि लोगों ने वोट नहीं दिया तो ‘निर्वाचन क्षेत्र में कोई विकास नहीं होगा’। उपचुनाव में भाजपा और भाजपा के सत्ता में आने पर दो महीने के भीतर एक बांध पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
चुनाव आयोग सचिव एन.टी. भूटिया ने शिकायत का हवाला देते हुए मंत्री कहा, “इस बात की पुष्टि हो गई है कि आपने पिछले सप्ताह गोसाईगांव निर्वाचन क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर सभाओं को संबोधित करते हुए वादे और घोषणाएं की हैं।”
चुनाव आयोग के सचिव ने अपने नोटिस में कहा कि असम के मुख्य चुनाव अधिकारी नितिन खाड़े से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, उक्त बैठक के लिए गोसाईगांव चुनाव जिले के अनुमति प्रकोष्ठ से कोई अनुमति नहीं मांगी गई थी।
चुनाव आयोग ने अशोक सिंघल से कहा कि पार्टी या उम्मीदवार किसी भी प्रस्तावित बैठक के स्थान और समय के बारे में स्थानीय पुलिस अधिकारियों को पहले ही सूचित कर देंगे ताकि पुलिस यातायात को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था कर सके।
चुनाव आयोग के नोटिस में कहा गया है, “आयोग का मानना है कि ऐसे बयान देकर और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना चुनाव बैठकें आयोजित करके आपने एमसीसी के प्रावधानों का उल्लंघन किया है।”
चुनाव आयोग ने बुधवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को सार्वजनिक बयान देते समय एमसीसी के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी थी।
पांच विधानसभा सीटों- भवानीपुर, मरियानी, थावरा, तामूलपुर और गोसाईगांव के लिए 30 अक्टूबर को उपचुनाव होंगे। मतों की गिनती 2 नवंबर को होगी।