• May 25, 2024
 फोन टैपिंग मामला: कर्नाटक की अदालत ने सीबीआई की रिपोर्ट खारिज की, नए सिरे से जांच के आदेश

फोन टैपिंग मामला: कर्नाटक की अदालत ने सीबीआई की रिपोर्ट खारिज की, नए सिरे से जांच के आदेश
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बेंगलुरु: सीबीआई की विशेष अदालत ने कर्नाटक में एक फोन टैपिंग मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा सौंपी गई ‘बी रिपोर्ट’ को खारिज कर दिया है। अदालत ने सोमवार को ‘बी रिपोर्ट’ को खारिज करते हुए कहा कि यह इतने गंभीर मुद्दे की जांच का तरीका नहीं है। कोर्ट ने मामले की नए सिरे से जांच के आदेश दिए है।

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‘बी रिपोर्ट’ एक निरस्त रिपोर्ट है जो दशार्ती है कि पुलिस को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने और मुकदमा चलाने के लिए कोई सबूत नहीं मिला है।

यह मामला अगस्त 2019 में भाजपा सरकार द्वारा वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी भास्कर राव को बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्त करने के कुछ दिनों बाद सामने आए एक ऑडियो क्लिप के संबंध में था।

तत्कालीन मुख्यमंत्री पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने 2019 में भास्कर राव को नियुक्त करने से पहले एक और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक कुमार को पद से हटा दिया था।

ऑडियो क्लिप में भास्कर राव और फैयाज अहमद नाम के एक शख्स के बीच बातचीत थी, जिसे पुलिस कमिश्नर के पद को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय अहमद पटेल का करीबी बताया जाता था। आरोप था कि ऑडियो जानबूझकर लीक किया गया था।

एक निजी चैनल द्वारा प्रसारित ऑडियो वायरल हो गया था। बाद में, मामले ने एक गंभीर मोड़ ले लिया क्योंकि यह आरोप लगाया गया था कि आलोक कुमार ने अपनी सरकार के लिए किसी भी खतरे की पहचान करने के लिए राज्य के अधिकांश शीर्ष राजनीतिक और धार्मिक नेताओं पर कुमारस्वामी के इशारे पर टेलीफोन टैपिंग की थी।

येदियुरप्पा सरकार ने मामले को सीबीआई को सौंप दिया और केंद्रीय जांच एजेंसी ने आलोक कुमार को क्लीन चिट देते हुए 20 जून 2021 को मामले में ‘बी रिपोर्ट’ दायर की। भास्कर राव ने इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराते हुए किसी अन्य एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।

अदालत ने मामले की किसी अन्य एजेंसी से जांच कराने की भास्कर राव की मांग को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

आलोक कुमार वर्तमान में कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस (केएसआरपी) में अतिरिक्त डीजीपी के रूप में कार्यरत हैं और भास्कर राव, अतिरिक्त डीजीपी रेलवे ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प चुना है। सूत्रों का कहना है कि वह कर्नाटक में राजनीति में उतरने की योजना बना रहे हैं।

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