• May 25, 2024
 चाचा शिवपाल पर मेहरबान हुए भतीजे अखिलेश, विधानसभा चुनाव में होंगे साथ
  • चाचा शिवपाल पर मेहरबान हुए भतीजे अखिलेश, गठबंधन होगा

खबरी इंडिया, उत्‍तर प्रदेश।

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उत्तर प्रदेश की राजनीति विधानसभा चुनाव 2022 से पहले काफी हद तक बदलने वाली है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के सामने मजबूती के साथ समाजवादी पार्टी को खड़ा करने के लिए योजना पर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तैयारी तेज कर दी है। हालांकि, उनके सामने बड़ी चुनौती परिवार को एकजुट करने की है। पिछले चुनावों में चाचा शिवपाल यादव के अलग होने का खामियाजा सपा को भुगतना पड़ा है। ऐसे में अखिलेश ने चुनाव के दौरान सबको एक साथ लाने का बड़ा संकेत दिया है।

अखिलेश यादव ने एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कहा कि वे चाचा शिवपाल यादव को साथ लाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके चाचा की एक पार्टी है। विधानसभा चुनाव में उन्हें पूरा सम्मान दिया जाएगा। अखिलेश के संकेत से माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश रही है कि छोटे दलों से गठबंधन किया जाए। स्वाभाविक रूप से हम चाचा शिवपाल सिंह यादव की पार्टी के साथ भी गठबंधन करने जा रहे हैं।

चाचा को मिलेगा पूरा सम्मान

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी चाचा शिवपाल को पूरा सम्मान देगी। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में सत्ता का संघर्ष शुरू हुआ। इस संघर्ष में चाचा व भतीजा ने अलग-अलग राह पकड़ ली। अखिलेश यादव का पूरा अधिकार सपा पर हो गया। वहीं, शिवपाल यादव ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बना ली। हालांकि, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का पिछले चुनावों में कोई खास प्रदर्शन नहीं रहा है।

भाजपा पर नफरत की राजनीति का आरोप

अखिलेश यादव ने भाजपा पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने जिन्ना पर दिए गए बयान पर मचे सियासी बवाल पर कहा कि भाजपा नफरत की राजनीति करती है। भाजपा इसी फिराक में रहती है कि उसे कोई मुद्दा मिल जाए। भाजपा कभी भी रोजगार व विकास की बात नहीं करती है। पिछले दिनों अखिलेश यादव ने एक रैली में सरदार पटेल, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू व मोहम्मद अली जिन्ना के एक ही संस्थान से पढ़कर बैरिस्टर बनने और आजादी दिलाने की बात कही थी। इसके बाद भाजपा ने उन्हें निशाने पर ले लिया था।

स्मृति दिवस मनाने का किया ऐलान

अखिलेश यादव ने दीपावली के दिन स्मृति दिवस मनाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि दीपावली के दिन सपा कार्यकर्ता अपने घर पर मारे गए किसानों की याद में एक दीया जलाएंगे। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरते हुए कहा कि लखनऊ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री अपने पीछे खड़े व्यक्ति को नहीं देख पाए। उन पर किसानों के ऊपर गाड़ी चढ़ाकर जान लेने का आरोप है। दरअसल, उन्होंने अजय मिश्रा की बात कही। साथ ही, सीएम योगी के 6 नवंबर को इटावा आने के मसले पर कहा कि उनकी सरकार में तो कोई काम हुआ नहीं है। वे जब इटावा आएं तो पूछना, आपने यहां के लिए क्या काम किया है

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