• February 22, 2024
  • परफॉर्मेंस ग्रांट धांधली मामले में डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर समेत , प्रोपराइटर ,सचिव ,ग्राम प्रधान समेत आठ पर गिरी गाज
  • बीडिओ के तहरीर पर गुलरिहा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
  • बिना वित्तीय स्वीकृत के आहरण की गई थी धनराशि

विनीत राय

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गोरखपुर। भटहट ब्लाक के जंगल हरपुर ग्राम परफार्मेंस ग्रांट के तहत विकास कार्य के लिए पचास लाख रुपया ग्राम निधि खाता में सरकार द्वारा भेजा गया था। विगत 24 दिसंबर 2020 को ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दिनेश प्रजापति द्वारा बिना वित्तिय स्वीकृति के 48 लाख रुपया निकालने के लिए बैंक में डोनल लगाया गया था । जानकारी होने पर ग्राम सचिव नागेंद्र पांडे ने बैंक में जाकर पैसा न निकालने का प्रार्थना पत्र दिया था। जिसके बाद पैसा नहीं निकाला जा सका। इस मामले में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुराग ठाकुर के अध्यक्षता में जांच करने के लिए एक कमेटी गठित की गई थी । जांच करने के उपरांत अनियमितता की पुष्टि हुई। उसके बाद 12 अगस्त 2021 को बीडियो कृति अवस्थी के तहरीर पर डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर तथा पूर्व ग्राम प्रधान कीर्ति देवी , ग्राम सचिव नागेंद्र पाण्डेय , प्रोपराइटर फर्म संचालिका एवं आशा कार्यकत्री सुशीला देवी , कंप्यूटर आपरेटर मुहम्मद नइम ,ए डी पी एम आकाश चौरसिया , फर्म संचालिका के पति राजेश गुप्ता , समेत आठ लोगों के खिलाफ में गुलरिया थाने में धारा 511 ,409 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर बड़ी कार्रवाई की गई है।
यहां बता दें कि गोरखपुर जिले के 34 परफारमेंस ग्रांट के 5 ग्राम पंचायतों में अनियमितता मामले में चार सचिवों को निलंबित कर दिया गया था। जबकि दो एडीओ पंचायत एवं एक जेईई पर कार्रवाई की संस्तुति दी गई थी । तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/अपर उपजिलाधिकारी सदर अनुराग जैन की अध्यक्षता में गठित कमेटी की जांच में अनियमितता बरतने वाले चार ग्राम पंचायतों की पुष्टि होने पर दोषी पाए गए चार सचिवों को निलंबित कर दिया गया था । जबकि एक सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई थी। तत्कालीन जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन ने चरगावां के एडीओ पंचायत श्रीकृष्ण वर्मा को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए थे। जिले के मुख्यालय स्तर पर गड़बड़ी के सबूत मिलने पर सहायक जिला परियोजना अधिकारी पर भी विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा गया था।
परफॉर्मेंस ग्रांट के प्रथम किस्त में अनियमितता
ग्राम पंचायतों के विकास के लिए चिन्हित ग्राम पंचायतों में परफार्मेंस ग्रांट के रूप में 03 करोड़ से 25 करोड़ रुपए तक दिए गए थे। जिसकी पहली किस्त 50 लाख खाते में सरकार द्वारा भेजा गया था। इस बजट से विकास के लिए विभिन्न कार्यों के प्रस्ताव भी तैयार किए गए थे। पूर्व प्रधानों का कार्यकाल जब खत्म होने लगा तो 34 में से 05 ऐसे ग्राम पंचायत हैं जहां वित्तीय स्वीकृत के बिना धन निकालने के लिए अपना डोंगल बैंक में लगाये थे।
*जिसमें भटहट ब्लाक की ग्राम* पंचायत जंगल हरपुर में 47 लाख के फर्जी आहरण की कोशिश की गई थी। सचिव द्वारा शिकायत पर जिला पंचायती राज अधिकारी ने बात कर भुगतान पर रोक लगा दिया था। जिसमें हरपुर ग्राम पंचायत के सचिव नागेंद्र देव पांडे के प्रति प्रतिकूल प्रविष्ट दी गई थी।

जिले स्तर से लीक हुई थी वर्क आईडी
ग्राम पंचायतों में भुगतान के लिए वर्क आईडी की आवश्यकता होती है जो या तो ब्लॉक स्तर या फिर जिला मुख्यालय से जारी होता है। जिसमें जिला पंचायती राज अधिकारी कार्यालय में तैनात एडीपीएम आकाश चौरसिया द्वारा प्रधान प्रतिनिधियों को वर्क आईडी लीक की गई थी।

अधिक बजट वाले गांव में धांधली पर कार्यवाही
सबसे अधिक धनराशि पिपरौली ब्लाक की ग्राम पंचायत जंगल रानी सुहास कुवरी में लगभग 25 करोड़ स्वीकृत थी।और पहली किस्त के रूप में 50 लाख आए थे। जिसमें बिना किसी वित्तीय स्वीकृत के 45 लाख निकालने का मामला प्रकाश में आने पर यहां के सचिव राकेश तिवारी को निलंबित कर दिया गया है चरगवां ब्लॉक की ग्राम सभा परमेश्वरपुर में 49 लाख अधिक निकालने का मामला में दोषी पाए गए सचिव राज किशोर सिंह प्रारंभ से अभी तक निलंबित हैं I भरोहियां ब्लॉक के तुर्कवालिया गांव में 22 लाख रुपए निकालने के आरोप में ग्राम सचिव रहे सुधीर कुमार गुप्ता निलंबित कर दिए गए हैं I तथा बेलघाट ब्लॉक के ग्राम पंचायत कटवा के ग्राम सचिव संदीप सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

भटहट ब्लॉक के हरपुर ग्राम पंचायत सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई थी
गुलरिया थाने के इंस्पेक्टर विनोद अग्निहोत्री का कहना है कि इस मामले में 8 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है

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