गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा पर्यावरण संरक्षण और शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए शुरू की गई “नॉन मोटराइज्ड व्हीकल डे” योजना पूरी तरह से सफल रही है। पहला दिन एलएलबी की प्रवेश परीक्षा होने की वजह से बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, कुछ लोगों को योजना के क्रियान्वयन में आशंका थी। प्रॉक्टोरियल बोर्ड, शिक्षकों, कर्मचारियों के सम्मेलित प्रयास से किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं हुई है।
कुलपति प्रो राजेश सिंह ने कहा कि”नॉन मोटराइज्ड व्हीकल डे” के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश देने की अनूठी पहल की गई है। विश्वविद्यालय द्वारा जब जब “ऑटोमोबाइल मुक्त परिसर दिवस ” को मनाया जाएगा तो समाज भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होगा। शहर को ट्रैफिक जाम से भी ये पहल निजात दिलाएगी। लोगों की मानसिक सोच में बदलाव आएगा। मंगलवार को आयोजित एलएलबी की प्रवेश परीक्षा में 2200 अभ्यर्थी शामिल हुए हैं और किसी प्रकार की कोई समस्या उत्पन्न नहीं हुई है। इस योजना के अंतर्गत केवल नॉन मोटराइज्ड व्हीकल को ही विश्वविद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा।
इसके पूर्व योजना पर प्रभावी रणनीति तैयार करने के नजरिए से मंगलवार को पुलिस प्रशासन के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन की बैठक का आयोजित प्रशासनिक भवन के कमेटी हॉल में किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में एएसपी राहुल भाटी ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहने करते हुए कहा कि वार्ता का ये सिलसिला आगे भी जारी रहना चाहिए। पार्किंग, जाम, कानून व्यवस्था को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की वार्ता पुलिस प्रशासन से होनी चाहिए। पुलिस प्रशासन की ओर से व्यवस्था को बनाए रखने में हर संभव मदद की जाएगी। ताकि विश्वविद्यालय प्रशासन इसे एक दिन से बढ़ाकर दो से चार दिनों तक करने पर विचार करे।
अध्यक्षता करते अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो अजय सिंह ने कहा कि पूर्व में कुलपति जी के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक में ये फैसला लिया गया है। आज आखिरी कार्यदिवस पर इसे लागू भी कर दिया गया है। ये फैसला पर्यावरण प्रदूषण, जाम के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मंगलवार को एलएलबी (तीन वर्ष) की प्रवेश परीक्षा का आयोजन सुबह की पॉली में था। 2200 अभ्यर्थी प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए हैं। बैठक में शामिल संकायाध्यक्ष और विभागाध्यक्ष इस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अपने सुझाव दे सकते हैं।
वाणिज्य विभाग के डीन प्रो एके तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास सराहनीय है। हमारे व्यवहार से ही पर्यावरण प्रदुषण होता है। इसके निदान का प्रयास भी मानवमात्र को ही करना होगा।
डीन साईंस प्रो शांतनु रस्तोगी ने कहा कि फैसला उचित है। व्यवहारिक दिक्कतों को भी दूर करने की जरूरत है। विश्वविद्यालय के सभी प्रवेश द्वार को नॉन मोटराइज्ड व्हीकल डे” के दिन खोला जाए।
डीन आर्ट्स प्रो. नंदिता आईपी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रयास से ट्रैफिक जाम से भी जनता को मुक्ति मिलेगी। ईधन की बजत होगी। सभी प्रवेश द्वारों को खोला जाए, ताकि शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े। डीन एजुकेशन प्रो. शोभा गौड़ ने कहा कि सभी के सहयोग से नई व्यवस्था पहले दिन सफलता पूर्वक संचालित हुई है। संचालन प्रो. विनय सिंह और आभार ज्ञापन कुलसचिव विश्वेश्वर प्रसाद ने किया।
कुलपति ने लिया अपडेट
एक आवश्यक कार्य से बाहर होने के बावजूद कुलपति प्रो राजेश सिंह ने नो मोटोराइज्ड व्हीकल डे पर विश्वविद्यालय की तैयारियों की समीक्षा करते रहे और जिम्मेदारों को आवश्यक निर्देश दिया। प्रयास सफल होने पर विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी।