• May 19, 2024
 गवाह का दावा- आर्यन ड्रग्स केस में 18 करोड़ में हुई थी डील , एनसीबी का इनकार

मुंबई: भगोड़े केपी गोसावी के सहयोगी प्रभाकर सेल ने आरोप लगाया है कि मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने उन्हें एक खाली पंचनामे पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा था। गोसावी क्रूज जहाज पर छापेमारी और ड्रग्स की कथित बरामदगी में नौ स्वतंत्र गवाहों में से एक है, जिसमें बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को इस महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था।

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प्रभाकर साली ने हलफनामे में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। प्रभाकर ने हलफनामे में कहा कि उसने केपी गोसावी और सैम डिसूजा को आपस में बात करते सुना था। उसने दोनों को ये कहते सुना था कि, ‘आप 25 करोड़ रुपये का बम डाल दो। चलो 18 करोड़ में सौदा तय करते हैं और समीर वानखेड़े को आठ करोड़ रुपये दे देते हैं’। आरोप लगाने वाला प्रभाकर खुद को गोसावी का बॉडीगॉर्ड बता रहा है।

प्रभाकर ने आरोप लगाया है कि गोसावी और सैम ने कथित तौर पर 18 से 8 करोड़ रुपये एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े को देने की बात कही थी। प्रभाकर साली ने अपने हलफनामे में ये भी कहा कि क्रूज पर एनसीबी की छापेमारी के बाद उसने शाहरुख खान की मैनेजर पूजा ददलानी को केपी गोसावी और सैम को नीले रंग की मर्सिडीज कार में साथ में बात करते देखा था। उनके बीच करीब 15 मिनट बात हुई थी।

प्रभाकर सेल के आरोपों के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं:

1- एनसीबी ने दावा किया कि गोसावी एक स्वतंत्र गवाह था। एक स्वतंत्र गवाह को छापेमारी तक कैसे पहुंच मिली?
2- जैसा दावा किया गया था, पंच को खाली पंचनामा पर हस्ताक्षर करने के लिए क्यों बनाया गया?
3-आर्यन खान ने गोसावी के फोन पर किससे बात की? बातचीत क्या थी?
4- सैम कौन है?

वहीं, एनसीबी के अधिकारी समीर वानखेड़े ने मामले में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह इसका करारा जवाब देंगे। मालूम हो कि गोसावी वही शख्स है, जिसके साथ आर्यन खान की सेल्फी वायरल हुई थी और जिसे एनसीबी ने मामले में स्वतंत्र गवाह बताया था। प्रभाकर ने बताया कि वह गोसावी के बॉडीगार्ड के तौर पर काम करता था। ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंेने यह भी सवाल किया कि अगर पैसों का लेनदेन होता तो कोई भला जेल में क्यों होता। सूत्रों ने कहा कि ये सारे आरोप एनसीबी की छवि बिगाड़ने के लिए लगाए जा रहे हैं। ऑफिस में सीसीटीवी कैमरा लगे हैं। ऐसा कुछ भी कहीं नहीं हुआ है।

अफसरों का यहां तक कहना है कि वे 2 अक्टूरबर से पहले प्रभाकर सेल को जानते तक नहीं थे। सूत्रों ने कहा कि उसका यह हलफनामा एनडीपीएस कोर्ट पहुंचाया जाएगा। एनसीबी भी वहां अपनी प्रतिक्रिया देगी।

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