• May 25, 2024
 परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कश्मीरी गेट स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का किया निरीक्षण

दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने   कश्मीरी गेट स्थित नवनिर्मित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परिवहन विभाग, दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी), दूरसंचार कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल), दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल ट्रांजिट सिस्टम (डीआईएमटीएस) और अर्न्स्ट एंड यंग (ईएंडवाई) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इस परियोजना का उद्देश्य डीटीसी और क्लस्टर बसों में आईपी आधारित सीसीटीवी निगरानी कैमरों, पैनिक बटन और जीपीएस के माध्यम से यात्री सुरक्षा विशेष रूप से महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के बाद, परिवहन मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर कमांड और नियंत्रण केंद्र के कामकाज से संबंधित सभी मुद्दों पर चर्चा बैठक भी की। उन्होंने अधिकारियों को डाटा निगरानी और संचालन के बारे में प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया।

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                                                                   कश्मीरी गेट पर कमांड और कंट्रोल सेंटर के अलावा, एक डिजास्टर रिकवरी सेंटर, एक डेटा सेंटर और सभी डिपो में अलग-अलग व्यूइंग सेंटर भी हैं। सभी डिपो प्रबंधकों द्वारा लाइव फुटेज की निगरानी भी की जा सकती है। बसों में सभी गतिविधियों की वास्तविक समय की निगरानी के लिए कमांड सेंटर 24 घंटे कार्य करेगा। डिपो प्रबंधक, ड्राइवर, कंडक्टर और मार्शल बसों में लगाए गए सिस्टम के संचालन से संबंधित अपनी ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं।

                                                         सभी डीटीसी और क्लस्टर बसों को अब 3-आईपी कैमरा, एमएनवीआर जीपीएस डिवाइस, 10 पैनिक बटन, ड्राइवर के लिए एक डिस्प्ले, हूटर, स्ट्रोब और 2 नंबर टू-वे ऑडियो कम्यूनिकेशन डिवाइस के लिए एक-एक ड्राइवर और कंडक्टर के साथ फिट किया गया है। सभी नई शामिल बसों और आने वाली बसों में पहले से ही ये सभी सिस्टम स्थापित हैं, जो कश्मीरी गेट पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के साथ एकीकृत होंगे। यात्री, ड्राइवर या कंडक्टर किसी भी आपात स्थिति या घबराहट की स्थिति में पैनिक बटन दबा सकते हैं। अलर्ट स्वचालित रूप से वास्तविक समय में कश्मीरी गेट पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को भेजा जाएगा। कमांड सेंटर में ऑपरेटर अलर्ट को फिल्टर करेगा और विभिन्न अलर्ट परिदृश्यों में परिभाषित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर्स (एसओपी ) के माध्यम से बस के जीपीएस निर्देशांक के साथ त्वरित प्रतिक्रिया के लिए पुलिस, फायर और एम्बुलेंस जैसे संबंधित हितधारक को अलर्ट भेजेगा। इन पैनिक अलर्ट के साथ सिंक्रोनाइजेशन में आपातकाल के समय संबंधित अधिकारियों को एसएमएस और एक ईमेल अलर्ट भी भेजा जाएगा।

                                                        कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के निरीक्षण के बाद परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने एक ट्वीट कर कहा, मैने आज डीटीसी/क्लस्टर बसों में लगे सीसीटीवी, जीपीएस और पैनिक बटन की निगरानी के लिए कश्मीरी गेट पर बने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। पूरी प्रणाली को जल्द ही   मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा जनता को समर्पित किया जाएगा। दिल्ली की बसें अब पहले से ज्यादा सुरक्षित होंगी।

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