• May 25, 2024
 गलवान हिंसा के 8 महीने बाद चीन ने दुनियां के सामने स्वीकार की सैनिकों के मारे जाने की सच्चाई

नई दिल्‍ली । चीन ने पहली बार माना है कि बीते वर्ष जून में लद्दाख की गलवन घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में उसके चार सैनिक मारे गए थे। चीन के अखबार पिपुल्‍स डेली अखबार के एक ट्वीट के हवाले से एएनआई ने इसकी जानकारी दी है। अखबार में कहा गया है कि चीन ने इस पहली बार न सिर्फ ये बात मानी है बल्कि इन जवानों को मरणोपरांत पदक देने का भी एलान किया है। इस झड़प में चीन की आमी का एक कर्नल भी घायल हो गया था।

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आपको यहां पर बता दें कि गलवन वैली में ये झड़प उस वक्‍त हुई थी जब भारतीय सैनिक अपनी सीमा से चीनी सैनिकों को वापस जाने के लिए कहने गए थे। इसी दौरान चीनी सैनिकों ने कंटीले तार लगी हुई लोहे की रॉड से भारतीय सैनिकों पर हमला बोल दिया था। इस खूनी झड़प में भारतीय सैनिकों ने चीन को करारा जवाब दिया था। हालांकि इसमें भारतीय सेना के एक कर्नल समेत 20 जवान शहीद हो गए थे।गलवन की इस घटना के बाद से ही लद्दाख की सीमा पर जबरदस्‍त तनाव दिखाई दिया था, जिसका पटाक्षेप दो दिन पहले सेनाओं के वापस जाने से हुआ है। इस झड़प के बाद एक अमेरिकी रिपोर्ट में बताया गया था कि इस खूनी झड़प में चीन के करीब 30-40 जवान मारे गए हैं। हालांकि चीन ने कभी इनका कोई जिक्र नहीं किया था। चीन के कुछ अखबारों में ये जरूर कहा गया था कि इसमें कुछ जवान मारे गए हैं, लेकिन इनकी गिनती कभी नहीं बताई गई थी। अब ऐसा पहली बार हुआ है कि इनके बारे में चीन ने सच्‍चाई कबूल की है।

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