• February 28, 2024
 केजरीवाल   शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रदूषण, परिवहन पर आवंटित बजट का एक बड़ा भाग खर्च ही नहीं करती-आदेश गुप्ता

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष  आदेश गुप्ता ने आज एक पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये कहा कि अरविन्द केजरीवाल सरकार का बजट 2021-22 एक छलावा है। जिस तरह बजट 2021-22 दिल्ली की वर्तमान एवं अल्प अवधि विकास आवश्यकताओं पर मौन है और 2047 को लेकर दिल्ली वालों को सपने बेच रहा है यह कहना अतिश्योक्ति न होगा कि अरविन्द केजरीवाल सपनों के सौदागर हैं। पत्रकार सम्मेलन में प्रदेश पदाधिकारी  हर्ष मल्होत्रा,  वीरेन्द्र सचदेवा,  हरीश खुराना,  प्रवीण शंकर कपूर एवं  हरिहर रघुवंशी उपस्थित थे।

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 आदेश गुप्ता ने कहा कि यह देश के किसी भी राज्य का पहला बजट होगा जिसमें सरकार ने 26 साल बाद की दिल्ली की कल्पना तो की है पर वर्तमान में प्रदूषण एवं परिवहन की बिगड़ती स्थिति पर कोई ठोस योजना नहीं रखी है। आज का बजट प्रस्तुत करते हुये दिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने 2047 तक दिल्ली को सिंगापुर जैसा बनाने का दावा किया है, दिल्ली में ऑलम्पिक खेल कराने की कल्पना की है जो कि हास्यास्पद लगता है, क्योंकि यही सरकार अभी कुछ दिन पहले तक दिल्ली को लंडन जैसा, यमुना को थैम्स जैसा बनाने की बात कहती थी पर आज नये सपने बेचने लगी।

केजरीवाल सरकार हर वर्ष ऐतिहासिक बजट प्रस्तत करने के दावे करती है और हर वर्ष उस बजट का शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रदूषण, परिवहन पर आवंटित बजट का एक बड़ा भाग खर्च ही नहीं करती। 2015-16 में सरकार ने 41129 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तुत किया जिसमें से 14.4 प्रतिशत बजट खर्च ही नहीं किया। 2016-17 में 46600 करोड़ रूपये का बजट लाई जिसका 20 प्रतिशत खर्च नहीं किया। 2017-18 में 48000 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तुत किया जिसका 14.7 प्रतिशत खर्च नहीं हुआ। 2018-19 में 53000 करोड़ रूपये का आया जिसका 12.7 प्रतिशत तो 2019-20 में 60000 करोड़ रूपये का बजट आया जिसका 14.7 प्रतिशत खर्च ही नहीं किया। कोविड 19 के संकट काल के बावजूद वर्तमान वित्त वर्ष 2020-21 के 65000 करोड़ रूपये के बजट में से लगभग 9.23 प्रतिशत रूपये लैप्स होने जा रहा है।

दिल्ली सरकार स्वास्थ्य पर बड़े-बड़े दावे करती है। यह सरकार 2015 में जब सत्ता में आई तो दिल्ली में 94 अस्पताल कार्यरत थे जो आज घटकर 88 अस्पताल रह गये हैं। 2015 में दिल्ली में 265 महिला प्रसूति गृह थे जो आज घटकर 224 रह गये हैं। 2015-16 में दिल्ली का 35 प्रतिशत तो 2019-20 में 37 प्रतिशत स्वास्थ्य बजट खर्च ही नहीं किया। सूत्रों के अनुसार वर्तमान वित्त वर्ष में 3987 करोड़ रूपये का स्वास्थ्य बजट आवंटन है जिसमें से 25 प्रतिशत लैप्स होने का अनुमान है। आगामी वित्त वर्ष 2021-22 के लिये 9934 करोड़ रूपये आबंटित किये गये है, पुराना अनुभव बताता है कि यह केवल एक घोषणा बनकर रह जायेगा क्योंकि सरकार के पास कोई कार्य योजना ही नहीं है।

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